शनिवार, 2 अक्तूबर 2021
दुष्यंत चौटाला की लोकप्रियता से घबराया विपक्ष
रविवार, 1 अगस्त 2021
दोनों हाथों में लड्डू लेकर घूम रहे पूर्व सीएम चौटाला*
शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021
भारतीय मीडिया देश में चल रहे किसान आंदोलन को चाहे नकरात्मक रुप से दिखाए परन्तु पाकिस्तान के किसान आंदोलन जरूर दिखाए गी!
ये सच ज्यादातर मुख्य धारा के मीडिया चैनल किसान आंदोलन को नकरात्मक रुप से दिखा रहे हैं! वही न्युज एकरों की बात करे तो सदीप चौधरी और रविश को छोड़कर बाकियों का रवैया किसान आंदोलन के प्रति सही नहीं हैं! वही zee News और अरब गोस्वामी चैनल तो पुरी तरह किसान आन्दोलन को नकरात्मक तौर पर दिखा रहा हैं! वही ज्यादातर चैनलों का रवैया किसान आन्दोलन के प्रति नकरात्मक हैं और वही चैनल पाकिस्तान के किसान आंदोलन को सकरात्मक तौर पर जरूर दिखा रहे देखे विडियों
सोमवार, 25 जनवरी 2021
किसानों और जवानों के बीच गणतंत्र दिवस पर अंबाला में राष्ट्रीय ध्वज फहरायेंगे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला।
बुधवार, 20 जनवरी 2021
किसानों के आंदोलन के बारे में आधारहीन नकारात्मक ख़बरें क्यों प्रसारित कर रहा हैं मीडिया
!किसानों का मीडिया से लगातार भरोसा टूट रहा है! और यह भरोसा टूटना भी लाजमी है! मीडिया को चाहिए कि वह जनहित के मुद्दे उठाए! वैसे देखा जाए तो मीडिया मौजूदा समय में सत्ता पक्ष की बजाए विपक्ष से सवाल करती है! और किसान भी सत्ता पक्ष से ही लड़ रहे हैं! मीडिया उनका साथ देगी ऐसी उम्मीद करना बेवकूफी देखा जाए तो प्राइवेट चैनल अटल बिहारी वाजपेई के शासनकाल में 24 घंटे शुरू हुए थे तब से लेकर मनमोहन सिंह के शासनकाल तक चैनल हमेशा सत्ता पक्ष से सवाल करते थे! और जनहित के मुद्दे उठाते थे लेकिन 2014 के बाद भारतीय मीडिया विपक्ष से ही सवाल करने लग गए सरकार की कमियों को बड़ी खूबसूरती से दबा जाते हैं 2014 के बाद ज्यादातर debate Hindu Muslim पाकिस्तान से सम्बंधित होती जब भी देश में कोई समस्या होती है मीडिया सत्ता पक्ष की बजाए विपक्षी ही सवाल करने लग जाते हैं!
कृषि बिल के खिलाफ किसान अजय मलिक का कहना हैं पहले मीडिया सता पक्ष से सवाल करती थी! अब विपक्ष से मैन स्ट्रीम मीडिया द्वारा फेकऔर किसान के विरोधसमाचारजैसे कि किसानों के खिलाफ मैन स्ट्रीम मीडिया ने प्रोपैगडा चलाया हुआ हो ! इससे मीडिया से मोह भंग हुआ ! वही जिस तरह अर्नब की चैट लिक हुई ये गंभीर मामला। हैं
मंगलवार, 19 जनवरी 2021
मात्र 1500 में घुमे मैक्लोडगंज
अगर आप बजट न हो होने के कारण घुमने - फिरने नहीं जा रहे तो अब आपको उसकी टैशन नही अब मात्र 1500 में आप मैक्लोडगंज-धर्मशाला मैं घुम सकते हैं!
कहा स्थिति हैं मैक्लोडगंज
मैक्लोडगंज हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले मैं है यह चंडीगढ़ से लगभग 240 किलोमीटर दुर हैं! और धर्मशाला से 10 किलोमीटर दुर स्थिति हैं!
: कैसे पहुंचे मैकलोड़ गंज
मैकलोड़ गंज पहुंचने के लिए सबसे पहले चंडीगढ़ 43 बस स्टैंड से धर्मशाला के लिए बस लेनी होगी जिसका किराया धर्मशाला तक करीब ₹450 और धर्मशाला के लिए चंडीगढ़ 43 से बस स्टैंड से बस रात को 12:00 बजे चलती है वैसे तो चलती रहती है लेकिन मैं रात को 12:00 बजे चला वह बस आपको सुबह करीब 5:00 बजे धर्मशाला पहुंचा दे देगी! उसके बाद धर्मशाला पहुंचकर बहुत से शेयरिंग जब चलती है उसने आप जा सकते धर्मशाला से निकलकर तक का किराया ₹20 उसके बाद आप अगले करीब 20 से 25 मिनट में पहुंच जाएंगे!
मकरोल गंज में होटल कितने बजट में मिल सकता है
मकरोल गंज में होटल फिलहाल पर्यटक ना आने के कारण काफी खाली पड़े हुए हैं अच्छे से अच्छा होटल बजट में मिल जाता हमने बहुत अच्छा होटल 2 दिन के लिए ₹500 में रूम मिल गया और जो काफी बजटेड था जिसमें में LED attach Latin bathroom aur acchi balko थी होटल की लोकेशन भी सही थी!
मकरोल गंज में कहां-कहां घूमे
दलाई लामा मंदिर
यह होटल सिंह करीब 1 किलोमीटर दूरी पर था दलाईलामा लेकिन करोना के कारण यह बंद था इससे कुछ दुरी पर बौद्धिक मंदिर मदिर थायहां पर आकर काफी अच्छा लगा यहां पर एक घुमाने के लिए चक्कर सा था जिसके बारे में कहा जाता है कि इस को घुमाने से नेगेटिव एनर्जी बाहर निकल जाते है!
भागसुनाग मंदिर
: यह मंदिर पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है यह काफी पुराना है भागसुनाथ मंदिर मैकलोडगंज का एक प्रमुख दर्शनीय स्थल है मंदिर जो सुंदर ताल और हरियाली से घिरा हुआ है। यह मंदिर मैकलोडगंज से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। भागसुनाग मंदिर एक प्राचीन मंदिर है, जिसको देखने आप अपनी मैकलोडगंज की यात्रा के दौरान जा सकते हैं। इस मंदिर का निर्माण राजा भागसू द्वारा भगवान शिव और स्थानीय देवता भागसू नाग के समर्पण में बनाया गया था। भागसुनाथ मंदिर समुद्र तल से 1770 मीटर की ऊंचाई पर स्थित और यहां साल भर बड़ी संख्या में भक्त और पर्यटक आते हैं।
मदिर के परागन में स्विमिंग भी हैं जिसमें आप नाहकर अपनी थकान उतार सकते हैं करोना के कारण अभी ये खाली था पूल खाली था! भागसू
फॉल्स
भागसू फॉल्स मक्लिओडगंज से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक लोकप्रिय पर्यटक गंतव्य है। भागसुनाथ मंदिर जगह से आधे किलोमीटर की दूरी पर स्थित है मदिर के परागन में भी जिसमें आप नाहकर अपनी थकान उतार सकते हैं करोना के हैं आधा किलोमीटर के रास्ते में करीब 100 मीटर का रास्ता बहुत ही खतरनाक हैं मैं भी खाई में गिरते.2 बचा था वहा पर पानी काफी ठडा हैं पैर भिगोने भी बहुत मुश्किल हैं
मैक्लोडगंज के आसपास और बहुत सारे पर्यटक स्थल हैं अभी कोरोना के कारण ज्यादरतर बंद थे ! मैकलोडगंज में स्थानीय भोजन
वैसे तो में खाना मंहगा होता हैं लेकिन अबकि बार सस्ता था 50 रू में सयोबिन का पराठा खाने से शाम को खाने की जरूरत पडती हैं 250 रू में एक दिन का खाना आराम से हो जाता हैं वही थिपुं यहा की फेमस डिस थी जो सर्दी से बचाती हैं जिसकी कीमत 130 रू हैं जो हमने भी ली 1 यहा आकर आपको लगेगा विदेशों जैसी फीलिग आएगी और ल्हासा नजदीक होने से वहा की फिलिग मिलेगी अपने तिब्बती मठों और प्रार्थना पहियों के साथ मैक्लोडगंज, धर्मशाला क्षेत्र का ऊपरी हिस्सा है, जो तिब्बती और बौद्ध संस्कृति के मिश्रण को प्रदर्शित करता है। यहां पर आप शांतिपूर्ण तिब्बती मठ में आकर अपने मन को शांत कर सकते हैं और ध्यान लगाकर अपनी अंतरात्मा को जान सकते हैं। अपनी यात्रा के दौरान आप कई तिब्बती व्यंजनों का स्वाद चख सकते हैं और मैकलोडगंज बाजार से प्रामाणिक तिब्बती स्मृति चिन्ह खरीदकर अपने साथ ले जा सकते हैं।
जेजेपी का बड़ा वादा पूरा, 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार कानून हुआ अधिसूचित बड़ी खुशी का दिन, 75 प्रतिशत लोकल रोजगार कानून देगा युवाओं को सुनहरा भविष्य - दुष्यंत चौटाला
*चंडीगढ़, 6 नवम्बर।* दीपावली पर्व पर हरियाणा के युवाओं के लिए शनिवार का दिन बड़ी खुशी लेकर आया हैं क्योंकि जननायक जनता पार्टी का हरियाणवी यु...
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*चंडीगढ़, 19 दिसंबर।* जननायक जनता पार्टी ने अपने संगठन में विस्तार करते हुए नई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं। पार्टी के राष्ट्...
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उन्होंने ट्वीट कर कहा आ ज किसानों के साथ हुई लाठीचार्ज की घटना बहुत निंदनीय है। किसानों को हुई पीड़ा को हम अपनी पीड़ा मानते हैं।...